पंजाब में 10 लाख नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य, प्राप्त हुए 19 लाख आवेदन

जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की टीमों ने शुरू की दस्तावेजों की जांच; जरूरत पड़ने पर होगा घर-घर सत्यापन

चंडीगढ़/जालंधर : पंजाब में नए राशन कार्ड बनवाने और पुराने राशन कार्डों में पात्र परिवार सदस्यों के नाम जोड़ने के लिए चलाया गया विशेष अभियान अब आवेदन के चरण से निकलकर जांच के अहम चरण में पहुंच गया है। 22 जुलाई से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया 11 अगस्त को बंद हो गई है। राज्य सरकार ने 10 लाख नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन इसके मुकाबले करीब 19 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं।
अब इन आवेदनों की गहन जांच की जाएगी और दस्तावेजों के साथ परिवार की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) होगा।

सरकार ने यह अभियान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 और स्मार्ट राशन कार्ड व्यवस्था के तहत पात्र लोगों को राशन व्यवस्था से जोड़ने तथा पुराने कार्डों में छूटे हुए सदस्यों को शामिल करने के लिए शुरू किया था। इसके लिए आवेदन सेवा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), ईआरसीएमएस पोर्टल और जिला खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालयों के माध्यम से लिए गए थे।

पोर्टल बंद होने के बाद अब सभी आवेदन जिलावार उपायुक्तों (DC) के लॉगिन में आ गए हैं। इसके बाद जिला प्रशासन और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीमों के स्तर पर इन आवेदनों की छंटनी और जांच की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह देखा जाएगा कि आवेदन करने वाला परिवार वास्तव में पंजाब का पात्र परिवार है या नहीं। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आवेदक के पास पहले से कोई राशन कार्ड न हो और आवेदन में दर्ज सदस्य वास्तव में उसी परिवार का हिस्सा हों। दस्तावेजों की सत्यता परखने के लिए जरूरत पड़ने पर टीमों द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। पात्रता और दस्तावेजों की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य मौजूदा राशन कार्डों को अपडेट करना भी था। इसके तहत उन परिवारों को मौका दिया गया है जिनमें शादी के बाद नए सदस्य (जैसे नई बहू, पत्नी या पति) जुड़े हैं या नवजात बच्चों का जन्म हुआ है। इन सभी नए सदस्यों के नाम पुराने राशन कार्ड में जोड़े जा सकेंगे, बशर्ते वे पात्रता और दस्तावेजों की आवश्यक शर्तें पूरी करते हों।

सरकारी राशन कार्ड प्रबंधन तंत्र के आंकड़ों के अनुसार, 16 मई 2026 तक पंजाब में कुल 41,46,398 राशन कार्ड और 1,54,92,553 लाभार्थी दर्ज थे। इनमें से 36,26,204 परिवारों में मुखिया महिला है। वहीं, केंद्र के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पोर्टल पर पंजाब के लिए 40,47,613 राशन कार्ड दर्ज हैं (जिनमें 1,77,929 अंत्योदय अन्न योजना और 38,69,684 प्राथमिकता परिवार श्रेणी के कार्ड शामिल हैं)।
मौजूदा कार्डों की तुलना में नए आवेदनों की यह भारी संख्या दर्शाती है कि राज्य में एक बड़ा वर्ग राशन व्यवस्था के तहत सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का इच्छुक है।

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