हार्ट अटैक को अलविदा! न्यू रूबी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के माहिर डॉ. SPS ग्रोवर से विशेष चर्चा

दोआबा न्यूज़लाईन

जालंधर : हार्ट अटैक (दिल का दौरा) की बीमारी भारत और नोर्थन इंडिया में ज्यादा देखने को मिल रही है, इस बीमारी की जानकारी और उसका सही समय पर इलाज होना बेहद जरूरी है, ताकि जिंदगी को बचाया जा सके। इस अहम मुद्दे पर बात करने के लिए दोआबा न्यूज़लाईन की टीम ने न्यू रूबी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के माहिर डॉ एसपीएस ग्रोवर से विशेष चर्चा की।

डॉ एसपीएस ग्रोवर ने जानकारी देते हुए कहा कि न्यू रूबी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में कार्डियोलॉजी (हृदय रोग), यूरोलॉजी और एंड्रोलाजी,
गाइनेकोलॉजी और न्यूरोसर्जरी सहित और कई बीमारियों का इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी ट्रीटमेंट किया जाता है। यहां हर मरीज को मल्टीस्पेशलिटी इलाज दिया जाता है। और हर तरह के टेस्ट अस्पताल में ही हो जाते है।

आगे जानकारी देते हुए डॉ ने कहा कि हार्ट अटैक (दिल का दौरा) तब होता है, जब हृदय की मांसपेशियों में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक रुक जाता है या बहुत कम हो जाता है, आमतौर पर कोरोनरी धमनी में ब्लॉकेज (वसा या कोलेस्ट्रॉल के जमने) के कारण दिल का दौरा आता है। इसके मुख्य कारण धूम्रपान-तंबाकू, अत्यधिक नमक, चीनी, और अनहेल्दी फैट वाला भोजन। नियमित व्यायाम या शारीरिक श्रम की कमी। मोटापा, अत्यधिक तनाव और शराब का सेवन यह सभी है।

हार्ट अटैक के बचाव के लिए बेहद जरुरी है कि हार्ट के मरीज को अपनी जांच समय रहते करवाते रहना चाहिए। हार्ट का दर्द फिक्स नहीं होता है। शुगर, ब्लड प्रेशर के मरीज अपना विशेष ध्यान रखे। अल्कोहल का उपयोग न करें।

जिम और व्यायम हार्ट अटैक को रोक सकती है?
जिम और व्यायम हार्ट अटैक को रोक नहीं सकती, लेकिन आप को बचा जरूर सकती है, अच्छा खान-पान आपको हेल्दी जरूर बना सकता है। आजकल के समय में जिम का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन यह डॉ की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। क्योकि हर बॉडी अलग-अलग तरीके की होती है।

अस्पताल में जरूरतमंदों के लिए बनाई गई चैरिटेबल सोसाइटी
कई बार ऐसा होता है, आर्थिक रूप से कमजोर मरीज अपना इलाज नहीं करवा पाता है। ऐसे जरूरतमंद मरीजों के लिए चैरिटेबल सोसाइटी बनाई गई है। जहां उनका फ्री इलाज किया जाता है। इसी के साथ समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी आयोजित किए जाते हैं।

हार्ट अटैक आने के पहले 1 घंटे का महत्व क्यों है?
हाँ, यह बात काफी हद तक सही है कि दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने के पहले 1 घंटे (गोल्डन ऑवर) के भीतर अस्पताल पहुंच जाना मरीज की जान और उसके दिल की मांसपेशियों को बचाने के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। लेकिन यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि “हार्ट बिल्कुल ठीक रहता है”।यह इस बात पर निर्भर करता है कि दिल को कितना नुकसान हुआ है और इलाज कितनी जल्दी शुरू हुआ। स्टंट डालने के बाद मरीज का दिल कमजोर हो जाता है।

डॉ ग्रोवर ने कहा कि बेहद जरूरी ध्यान रखने वाली बात है कि अगर छाती और इसके आसपास कही भी दर्द हो, या जकड़न महसूस हो तो जरुरी नहीं की खुद ही धारणा बना लेनी चाहिए, यह गैस की दर्द है। ऐसी समस्या होने पर विशेषज्ञ डॉ की सलाह जरूर लें।

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