दोआबा न्यूज़लाईन
जालंधर : महानगर में धड़ल्ले से अवैध इमारतें बन रही है, इसी कड़ी में नार्थ इलाके में अलग-अलग जगह पर अवैध इमारतें बनाई जा रही है। हैरानी वाली बात है कि नगर निगम की नाक के नीचे यह अवैध कारोबार कैसे पनप रहा है। इलाके में नगर निगम की नाक के नीचे इस तरह के अवैध कारोबार पनपने के पीछे प्रशासनिक ढिलाई, कथित मिलीभगत एक मुख्य कारण माना जा रहा है। अवैध निर्माण और व्यावसायिक (कॉमर्शियल) इमारतें खड़े करने का यह खेल वास्तव में एक गंभीर चिंता का विषय है। इतना ही नहीं नगर निगम को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना भी लग रहा है।
इस पर नगर निगम कुंभकर्णी नींद क्यों सोया हुआ है? नार्थ इलाके में किसकी शह्र पर यह अवैध निर्माण हो रहे है। क्या इसके पीछे किसी अंदर के बड़े अधिकारी का हाथ है, यह फिर अधिकारी और नेता की मिलीभगत से यह काम चल रहा है।
लेकिन जालंधर नॉर्थ (North) इलाके में अवैध निर्माण एक बड़ी समस्या बन चुका है, और धड़ाधड़ इमारतें और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स खड़े किए जा रहे है। इस मामले पर जालंधर नगर निगम भी लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन शिकायतें फिर भी कम नहीं हो रही हैं।