पंजाब सरकार द्वारा विज्ञापनों में ‘पावर सरप्लस’, ज़मीन पर बिजली गायब: भाजपा

दोआबा न्यूज़लाइन

14 लाख ट्यूबवेल वाले पंजाब में किसान 8 घंटे की बजाय 3-4 घंटे बिजली के लिए तरसे

किसान सड़कों पर, लेकिन सरकार विज्ञापनों में मस्त: भाजपा

मान सरकार की विफल योजना ने अन्नदाता को खेतों से ग्रिडों के आगे बैठने पर मजबूर किया: भाजपा

जालंधर: पंजाब भर में बिजली कटौती के खिलाफ मजीठा (अमृतसर), संगरूर, मानसा, पटियाला, बठिंडा, धोला, तपा, गोइंदवाल साहिब, कथूनंगल और श्री मुक्तसर साहिब सहित कई स्थानों पर किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने, ग्रिड घेराव और चक्का जाम मुख्यमंत्री भगवंत मान के “आठ घंटे निरंतर बिजली” और “पावर सरप्लस पंजाब” के दावों की पूरी तरह पोल खोल रहे हैं। यह प्रतिक्रिया भारतीय जनता पार्टी जालंधर के कार्यकारी जिला अध्यक्ष मनीष विज ने दी।

मनीष विज ने कहा कि धान की रोपाई के सीजन में पंजाब की बिजली मांग 14,000 से 16,000 मेगावाट तक पहुंच जाती है, जबकि सरकार की सप्लाई और लोड मैनेजमेंट की वास्तविकता आज सबके सामने है। पंजाब में लगभग 13.94 लाख कृषि ट्यूबवेल हैं, जो खेती की रीढ़ हैं, लेकिन इनके लिए आवश्यक बिजली उपलब्ध कराने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।

उन्होंने कहा कि मान सरकार किसानों को 8 घंटे बिजली देने का दावा करती रही, लेकिन किसानों को केवल 3 से 4 घंटे ही टूटी-फूटी आपूर्ति मिल रही है। बिजली कभी दिन में गायब, कभी रात में कट यह व्यवस्था नहीं, प्रशासनिक अराजकता है।

मनीष विज ने कहा कि पंजाब के थर्मल प्लांटों की स्थिति भी मान सरकार की तैयारियों की पोल खोलती है। लहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट में कई यूनिट बंद रहे, जबकि रोपड़ थर्मल प्लांट की उत्पादन क्षमता भी दबाव में रही। जब सरकार को पहले से पता था कि धान सीजन में मांग रिकॉर्ड स्तर पर जाएगी, तो बैकअप व्यवस्था पहले क्यों नहीं की गई?

उन्होंने कहा कि बिजली न मिलने के कारण किसान महंगा डीजल जलाकर जनरेटर चलाने को मजबूर हैं। एक एकड़ धान की सिंचाई का अतिरिक्त डीजल खर्च किसान की कमर तोड़ रहा है। पहले से कर्ज के बोझ तले दबा अन्नदाता अब सरकार की विफलता की कीमत अपनी जेब से चुका रहा है।

मनीष विज ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार का पूरा ध्यान विज्ञापनों, सोशल मीडिया और इमेज मैनेजमेंट पर है। ज़मीन पर न बिजली है, न प्रबंधन है, न जवाबदेही है। यह सरकार पावर सरप्लस नहीं, प्रोपेगेंडा सरप्लस है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे एयर-कंडीशंड हॉलों में मंचीय भाषण देने के बजाय गांवों में जाएं, ग्रिडों के सामने बैठे किसानों की आंखों में झांकें और बताएं कि उनके वादों का क्या हुआ।

मनीष विज ने कहा कि पंजाब का किसान भगवंत मान के इस धोखे, इस विफलता और इस अहंकार को याद रखेगा और समय आने पर इसका लोकतांत्रिक जवाब अवश्य देगा। इस मौके पर उनके साथ मुख्य रूप से उपस्थित अमरजीत सिंह गोल्डी, सुनील दत्त,विक्रांत मदान,अनिल थमन,सुशील चंद उपस्थित थे

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