दोआबा न्यूज़लाइन
करीब ₹25 लाख है मोबाइल फोन्स की कीमत
जालंधर: पंजाब पुलिस की तरफ़ से लोगों की सुरक्षा और उनकी प्रॉपर्टी की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे खास कैंपेन के तहत जालंधर रूरल पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। मीडिया से बात करते हुए जालंधर ग्रामीण पुलिस के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि उनकी गाइडलाइंस और सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (इन्वेस्टिगेशन) विनीत अहलावत की लीडरशिप में डिस्ट्रिक्ट सांझ केंद्र और सीआईए स्टाफ़ की टीमों ने लगातार टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन और साइबर ट्रैकिंग के ज़रिए 120 गुम हुए मोबाइल फ़ोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइल फ़ोन को आज उनके असली मालिकों को वापस कर दिया गया।
एसएसपी विर्क ने कहा कि गुम हुए मोबाइल फ़ोन से जुड़ी शिकायतें सांझ केंद्रों में रजिस्टर की जाती हैं और सीईआईआर पोर्टल (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पर अपलोड की जाती हैं। इस पोर्टल के ज़रिए खोए हुए मोबाइल फ़ोन को ट्रेस किया जाता है और डिटेल्ड डेटा एनालिसिस के बाद, संबंधित पुलिस स्टेशनों और सीआईए स्टाफ़ के साथ जानकारी शेयर करके मोबाइल फ़ोन की रिकवरी पक्की की जाती है।
इस खास ऑपरेशन के दौरान सब-इंस्पेक्टर दलविंदर सिंह, इंचार्ज ज़िला सांझ केंद्र और इंस्पेक्टर पुष्प बाली, इंचार्ज सीआईए स्टाफ़ की देखरेख में पुलिस टीमों ने दिन-रात काम करके लगभग ₹25 लाख कीमत के 120 मोबाइल फ़ोन रिकवर किए। उन्होंने आगे कहा कि इस नई रिकवरी के साथ, अब तक कुल 419 मोबाइल फ़ोन रिकवर किए जा चुके हैं। कीमती मोबाइल फ़ोन की सफल वापसी से जालंधर रूरल पुलिस के प्रति लोगों का भरोसा और मज़बूत हुआ है।
एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि आज के समय में मोबाइल फ़ोन हर व्यक्ति की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन गए हैं, जिनमें पर्सनल जानकारी, फ़ोटो, बैंकिंग डिटेल्स और दूसरा ज़रूरी डेटा होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी का मोबाइल फ़ोन खो जाए या चोरी हो जाए, तो वे तुरंत पुलिस को बताएं।
उन्होंने कहा कि कभी-कभी खोए हुए मोबाइल फ़ोन का गलत इस्तेमाल एंटी-सोशल एलिमेंट्स क्रिमिनल एक्टिविटीज़ या साइबर क्राइम के लिए भी कर सकते हैं। समय पर कंप्लेंट फाइल करने से न सिर्फ मोबाइल फ़ोन रिकवर करने में मदद मिलती है बल्कि इसके संभावित गलत इस्तेमाल को भी रोका जा सकता है।
पंजाब पुलिस का कमिटमेंट दोहराते हुए उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट लोगों की सेफ्टी, उनकी प्रॉपर्टी की सुरक्षा और साइबर क्राइम को रोकने के लिए पूरी तरह से कमिटेड है और ऐसे कैंपेन भविष्य में भी जारी रहेंगे।