दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे खास कैंपेन “वॉर ऑन ड्रग्स” के तहत ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपियों द्वारा ड्रग तस्करी से गैर-कानूनी तरीके से बनाई गई संपत्ति को फ्रीज करके बड़ी कामयाबी हासिल की है।
जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के निर्देशों पर एडीसीपी- 2 राकेश कुमार यादव और एसीपी कैंट कुलविंदर सिंह की देखरेख में थाना सदर की पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपियों की गैर-कानूनी संपत्ति के बारे में फाइनेंशियल जांच सफलतापूर्वक पूरी की। जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर सदर पुलिस स्टेशन के एसएचओ संजीव कुमार ने एनडीपीएस एक्ट, 1985 की धारा 68एफ के तहत आरोपियों द्वारा ड्रग तस्करी से कमाए गए गैर-कानूनी संपत्ति को फ्रीज करने के आदेश जारी किए। इस फ्रीजिंग ऑर्डर को काबिल अथॉरिटी ने मंज़ूरी दी, जिसके बाद एसीपी कैंट और सदर पुलिस स्टेशन की पुलिस टीम की मौजूदगी में आरोपियों को नोटिस दिया गया।
यह कार्रवाई एफआईआर नंबर 137 तारीख 26.04.2026 से जुड़ी है, जो सदर पुलिस स्टेशन, पुलिस कमिश्नरेट, जालंधर में एनडीपीएस एक्ट, 1985 की धारा 21(c), 29 और 61 के तहत दर्ज की गई थी। इस मामले में पुलिस ने 1 किलो 883 ग्राम हेरोइन बरामद की। यह बरामदगी कुलविंदर सिंह, बेटे गेजा सिंह, निवासी गांव सैदूपुर, तहसील नकोदर, जिला जालंधर और जगदेव सिंह, बेटे मुख्तियार सिंह, निवासी छन्ना, मेहतपुर, जिला जालंधर के कब्ज़े से की गई। दोनों आरोपियों को 26 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था।
वहीं गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों की गैर-कानूनी कमाई से बनाई गई प्रॉपर्टी की पूरी फाइनेंशियल जांच थाना सदर की पुलिस ने की। जांच के दौरान यह साबित हुआ कि आरोपियों ने ड्रग तस्करी से हुई कमाई से कुछ प्रॉपर्टी बनाई है। इस आधार पर एनडीपीएस एक्ट के सेक्शन 68 एफ के तहत कानूनी कार्रवाई की गई और उन प्रॉपर्टी को कानून के मुताबिक फ्रीज कर दिया गया।