दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: शहर के डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डेविएट) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के प्रायोजन से विजय साइकिल एवं स्टील पाइप इंडस्ट्रीज, जालंधर का औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया गया। यह भ्रमण मैकेनिकल इंजीनियरिंग बीआईएस स्टूडेंट क्लब के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को औद्योगिक कार्यप्रणाली, विनिर्माण प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण की विधियों तथा औद्योगिक उत्पादन में बीआईएस मानकों के क्रियान्वयन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था। इस भ्रमण में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के कुल 52 विद्यार्थियों ने भाग लिया और विनिर्माण उद्योगों की कार्यप्रणाली के संबंध में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
इस औद्योगिक भ्रमण का विशेष महत्त्व कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान और उसके व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की दूरी को कम करने में निहित था। विद्यार्थियों को साइकिल के पुर्जों तथा स्टील पाइप के निर्माण में प्रयुक्त प्रक्रियाओं से परिचित होने का अवसर मिला। इसके साथ ही, उत्पाद परीक्षण, गुणवत्ता आश्वासन, औद्योगिक सुरक्षा तथा बीआईएस मानकों के अनुपालन के महत्त्व पर भी प्रकाश डाला गया। इस अनुभव से विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता मिली कि उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में मानकीकरण की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है।
डेविएट के डायरेक्टर-कम-प्रिंसिपल डॉ. संदीप विज ने इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को व्यावसायिक जगत की चुनौतियों के लिए तैयार करने में अनुभवात्मक शिक्षा के महत्त्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर प्रदान करते हैं कि कक्षाओं में अर्जित इंजीनियरिंग सिद्धांतों और अवधारणाओं का वास्तविक औद्योगिक परिस्थितियों में किस प्रकार अनुप्रयोग किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि भावी इंजीनियरों के लिए बीआईएस मानकों और प्रमाणन प्रक्रियाओं की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि औद्योगिक उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता बनाए रखने में मानकीकरण की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। डॉ. संदीप विज ने तकनीकी शिक्षा को वर्तमान औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए रखने के लिए उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने इस शिक्षण अवसर के आयोजन के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रयासों की सराहना की तथा विद्यार्थियों को ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान का विस्तार करने, गुणवत्ता के प्रति जागरूक दृष्टिकोण विकसित करने तथा इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्रों में सफल करियर बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण योगदान देती हैं।
वहीं मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख रमनदीप सिंह जोहल ने इस बीआईएस प्रायोजित औद्योगिक भ्रमण को विद्यार्थियों के लिए एक समृद्ध शिक्षण अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि इस भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को औद्योगिक विनिर्माण प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण की विधियों तथा उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में बीआईएस मानकों की भूमिका का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ऐसी पहलें शैक्षणिक ज्ञान और औद्योगिक कार्यप्रणाली के बीच की दूरी को कम करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान और व्यावसायिक विकास का यह मूल्यवान अवसर प्रदान करने के लिए बीआईएस तथा संबंधित उद्योगों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
इस औद्योगिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के साथ मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख रमनदीप सिंह जोहल, सुनील कुमार तथा राजेश मेहरा भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों की सहभागिता को सुगम बनाने तथा इस औद्योगिक शिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने में सहयोग दिया।
इस भ्रमण के परिणामस्वरूप विद्यार्थियों की विनिर्माण प्रक्रियाओं, औद्योगिक गुणवत्ता मानकों, सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं तथा इंजीनियरिंग अवधारणाओं के व्यावहारिक महत्त्व के प्रति समझ में वृद्धि हुई। इस पहल ने उद्योगोन्मुख तकनीकी शिक्षा तथा विद्यार्थियों के समग्र व्यावसायिक विकास के प्रति डीएवीआईईटी की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया।