दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: पंजाब के जालंधर में बीते दिन एक माँ की बहादुरी और सतर्कता की वजह से उसकी 3 साल की बच्ची अगवा होते- होते बच गई। जालंधर के लांबड़ा थाने के अधीन आते गांव माहलों के समीप अपनी बच्ची के साथ ऑटो का इंतजार कर रही एक महिला ने सतर्कता और जांबाजी से उसने अपनी बच्ची को अगवा होने से बचा लिया और आरोपी को धर दबोचा।
वहीं महिला का शोर सुन आसपास के लोग वहां इक्कठा हो गए और उन्होंने आरोपी को पकड़कर उसके हाथ पैर बांध दिए और उसकी जमकर धुनाई की। हालाँकि इस गंभीर मामले में पुलिस का रवैया सुस्ती भरा दिखाई दिया, जिसके कारण स्थानीय लोगों में रोष नजर आया।
जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला निहाल इन दिनों गर्मी की छुट्टियां काटने के लिए जालंधर अपने मायके आई हुई थी। शुक्रवार सुबह वह अपनी छोटी बेटी को दवा दिलाने के लिए सिविल अस्पताल जाने वाली थी। वह सड़क किनारे खड़ी होकर ऑटो का इंतजार कर रही थी। महिला का आरोप है कि एक संदिग्ध प्रवासी व्यक्ति काफी देर से उनका पीछा कर रहा था। जैसे ही निहाल ऑटो में बैठने के लिए आगे बढ़ी तभी आरोपी ने पीछे से आकर बच्ची के मुंह पर कपड़ा लपेट दिया ताकि वह शोर न मचा सके, तभी महिला की नजर बच्ची पर पड़ी तो उसने आरोपी को धक्का मारकर पीछे किया और उसके मुंह पर एक जोरदार तमाचा जड़ दिया। जिससे आरोपी सड़क पर गिर गया। घटना के बाद मां ने तुरंत अपनी बच्ची को सीने से लगा लिया।
वहीं आसपास के लोगों ने आरोपी की धुनाई की और उससे पूछताछ की तो उसने अपहरण की बात से इंकार करते हुए ‘बच्ची को टॉफी देने’ का बहाना बनाया। लेकिन जब मुंह पर कपड़ा डालने वही बात उससे पूछी तो वह कुछ न बोला। इस दौरान आरोपी लोगों को धमकाता दिखा। वह सरेआम लोगों को कह रहा था कि “मुझे जेल भेज दो, मैं एक फोन घुमाऊंगा और तुरंत छूटकर फिर बाहर आ जाऊंगा।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
वहीं इस दौरान लोग पुलिस के सुस्त रवैये से नाराज नजर आए। पीड़ित महिला के मुताबिक घटना के तुरंत बाद उन्होंने 112 और 100 नंबर पर पुलिस को कॉल कि थी लेकिन पुलिस मौके पर करीब सवा घंटे बाद आयी। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर पहुंचकर पुलिस आरोपी को अपनी गाड़ी में डालकर थाने ले गई, लेकिन मौके पर मौजूद पीड़ित मां की न तो कोई लिखित शिकायत ली और न ही उनके प्राथमिक बयान दर्ज किए गए।
वहीं इस मामले में थाना लांबड़ा के एस.एच.ओ. बलबीर सिंह का कहना है कि मौके से आरोपी को से काबू है, उक्त व्यक्ति नशेड़ी था तथा बच्ची को टॉफी देने की कोशिश कर रहा था। जिसपर बच्ची की मां को संदेह हुआ और लोगों ने उसे पीट दिया। उन्होंने कहा कि बच्ची की मां निहाल ने कार्रवाई न करने की बात कही और दोनों पक्षों का देर शाम समझौता हो गया था।