LPU यूनिवर्सिटी हिंसा मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज, 2 और नाबालिग गिरफ्तार

दोआबा न्यूज़लाईन

जालंधर:

जालंधर: फगवाड़ा स्थित LPU यूनिवर्सिटी हिंसा मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए 2 और युवकों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए छात्र हिमाचल और हरियाणा के बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार दोनों छात्रों के नाबालिग होने के चलते उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

दोनों नाबालिग छात्रों की गिरफ़्तारी के बाद आरोपियों की कुल संख्या 19 हो गई है, जिनमें 4 नाबालिग हैं। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए दोनों नाबालिग युवकों में से एक हिमाचल प्रदेश और दूसरा हरियाणा का रहने वाला है।

पूछताछ में पकड़े गए दोनों नाबालिग युवकों ने पुलिस को बताया है कि घटना वाले दिन सोशल मीडिया पर मैसेज मिलने के बाद कुछ सीनियर छात्र उन्हें अपने साथ ले गए थे। इसके बाद जब यूनिवर्सिटी कैंपस में हंगामा और तोड़फोड़ शुरू हुई, तो वे भी भीड़ का हिस्सा बन गए। हालांकि दोनों ने व्यक्तिगत रूप से हिंसा में शामिल होने के आरोपों से इंकार किया है।

LPU हिंसा मामले में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को लगाई फटकार

फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हिंसा की घटनाओं की जांच को लेकर सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार की जांच पर सवाल उठाए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रथम वर्ष की छात्रा से उचित तरीके से पूछताछ होनी चाहिए। जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि क्या किसी ने छात्रा के माध्यम से भ्रामक और गंभीर आरोपों वाला संदेश प्रसारित करवाया या उसके मोबाइल फोन का इस्तेमाल किसी दूसरे व्यक्ति ने किया।

अदालत ने कहा कि इस तरह की पोस्ट के प्रसार को हल्के में नहीं लिया जा सकता। संदेश किन परिस्थितियों में साझा किया गया, इसकी पड़ताल आवश्यक है। अदालत ने कहा कि यह पता लगाना जरूरी है कि छात्रा ने जानबूझकर संदेश प्रसारित किया या किसी अन्य व्यक्ति ने उसका इस्तेमाल कर यह पोस्ट फैलवाई। अदालत ने मामले की जांच को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए।

बताया जा रहा है कि सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने अदालत को बताया कि छात्रा ने एक इंटरनेट मीडिया मंच के माध्यम से संदेश आगे भेजा था, लेकिन उसका कोई आपराधिक इरादा नहीं था। पुलिस की ओर से छात्रा के बयान वाली एक रिपोर्ट भी सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश की गई। हालांकि कोर्ट में जब सीलबंद लिफाफे की जांच की तो उसमें छात्रा का बयान मौजूद नहीं मिला। इस पर अदालत ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसके बाद अदालत ने मामले को भोजनावकाश के बाद दोबारा विचार के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

LPU हिंसा मामले में Big Update, 3 और युवक गिरफ्तार

LPU हिंसा मामले में एक बड़ी अपडेट सामने आई है। ताजा जानकारी के अनुसार पुलिस ने LPU हिंसा मामले में 3 और युवकों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए तीनों युवक यूनिवर्सिटी के ही छात्र हैं। पुलिस ने तीनों युवकों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर आज अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया गया। आरोपियों पर यूनिवर्सिटी में हिंसा के दौरान वाहनों में तोड़फोड़, सड़क अवरुद्ध करने और छात्रों को भड़काने की कोशिश के आरोप हैं। पकड़े गए युवकों की पहचान बिश्या पुत्र अशोक कुमार निवासी महाराष्ट्र, कृष्णा पुत्र राजेश निवासी बिहार और योगेश पुत्र संपत निवासी राजस्थान के रूप में हुई है और तीनों यूनिवर्सिटी के छात्र हैं।
पुलिस ने योगेश को लवली यूनिवर्सिटी के लोअर गेट से काबू किया गया।

बताए चलें कि अब तक इस मामले में कपूरथला पुलिस 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन अभी भी हिंसा का मास्टरमाइंड मन जा रहा फरहत देव पुलिस प्रशासन की गिरफ्त से बाहर है।

LPU हिंसा मामला: पुलिस ने राजस्थान और UP के 2 युवक किए गिरफ्तार

फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा मामले एक नई अपडेट सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने इस मामले में 2 और लोगों को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल करेगी। गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान योगेश अपूर्वा निवासी मेहराटा, राजस्थान और आदित्य निवासी हाजीपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि पुलिस ने दोनों आरोपियों को LPU हिंसा केस में गाड़ियों की तोड़फोड़ मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी जल्द
प्रेस वार्ता कर इस मामले में खुलासा कर सकते हैं।

बता दें कि LPU हिंसा मामले में इससे पहले पुलिस 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि तब तक 20 लोगों को नामजद किया गया था। DIG सिंगला ने प्रेस वार्ता कर इस मामले में सारी अपडेट दी थी।

LPU हिंसा मामला : 9 आरोपी गिरफ्तार

फगवाड़ा की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में 26 सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान यूनिवर्सिटी से जमकर तोड़फोड़, पथराव और वाहनों में आगजनी की घटना सामने आई थी। इसी मामले में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि यूनिवर्सिटी में उपद्रव करने के आरोप में अब तक 9 युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिनमें से 7 छात्र और 2 बाहरी लोग हैं।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में जेम्स दहिया, गगनदीप, जसमीत कुमार, अंतरिक्ष, साहिल, कृष्णा कुमार, भविष्य करण और आशुतोष शामिल हैं। आगे उन्होंने कहा कि नौवां आरोपी नाबालिग है। अधिकारियों के मुताबिक जसमीत कुमार और गगनदीप यूनिवर्सिटी के छात्र नहीं हैं वह पिज्जा डिलीवरी का काम करते हैं। डिलीवरी के सिलसिले में उनका यूनिवर्सिटी में आना-जाना था।

लाठीचार्ज मामले में डीआईजी बोले पुलिस की ओर से शुरुआत में कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया था। उनके अनुसार जब कुछ छात्रों की ओर से पुलिस और मीडिया पर पथराव किया गया और वाहनों में आग लगा दी गई, तब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने उपद्रव कर रहे लोगों को वहां से हटाया था। इस मामले में अब तक 20 आरोपियों की पहचान कर उन्हें केस में नामजद किया गया है। बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है।

पंजाब पुलिस का हमेशा से यही मानना ​​रहा है कि छात्रों के साथ प्यार और सहानुभूति से पेश आना चाहिए। पूरी घटना के दौरान पंजाब पुलिस ने बहुत संयम बरता है, क्योंकि वह विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं करना चाहती थी। पंजाब पुलिस पीड़ित को न्याय दिलाने के अपने संकल्प पर अडिग है। छात्रों की शिकायतों को दूर करने के लिए सिविल और पुलिस प्रशासन लगातार उनसे बातचीत कर रहा है। साथ ही, पंजाब पुलिस यह भी सुनिश्चित करेगी कि जो कोई भी कानून-व्यवस्था में समस्या पैदा करेगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा और देश के कानून के अनुसार सजा दी जाएगी। पंजाब पुलिस सभी के लिए शांति और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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