जालंधर में जल्द चलेगी इलेक्ट्रिक बसें, निगम कमिश्नर ने प्रोजेक्ट का रिव्यू कर अधिकारियों को दिए निर्देश

दोआबा न्यूज़लाइन

जालंधर: नगर निगम जालंधर के कमिश्नर सुरिंदर सिंह ने पीएम ई-बस सर्विस स्कीम के तहत शहर में बन रहे ई-बस डिपो के काम का रिव्यू करने के लिए लम्मा पिंड चौक और नगर निगम ऑफिस के पास के इलाके में कंस्ट्रक्शन के काम का दौरा किया। इस मौके पर संबंधित एग्जीक्यूटिव एजेंसियों के प्रतिनिधि और नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद थे।

इस दौरे के दौरान निगम कमिश्नर सुरिंदर सिंह ने डिपो के सिविल कामों की प्रोग्रेस, बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर और ई-बसों के ऑपरेशन के लिए ज़रूरी दूसरी सुविधाओं का रिव्यू किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और एग्जीक्यूटिव एजेंसियों को काम में तेज़ी लाने और यह पक्का करने के निर्देश दिए कि सभी काम तय स्टैंडर्ड के हिसाब से क्वालिटी पक्का करते हुए समय पर पूरे हों।

इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में कुल 97 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है, जिसमें 12 मीटर लंबाई की 16 स्टैंडर्ड बसें और 9 मीटर लंबाई की 81 मिडी बसें शामिल हैं। बसों की पार्किंग और ऑपरेशन के लिए दो डिपो की जगहें तय की गई हैं। लम्मा पिंड चौक पर बनने वाले डिपो की कैपेसिटी 55 बसों की होगी, जबकि लाल बहादुर शास्त्री चौक के पास नगर निगम के सेंट्रल टाउन डिपो में 42 बसों को पार्क करने की व्यवस्था होगी। दोनों डिपो के सिविल और इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की डेवलपमेंट पर करीब 12.98 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें से 7.08 करोड़ रुपये सिविल कामों के लिए और 5.90 करोड़ रुपये इलेक्ट्रिकल कामों के लिए रखे गए हैं।

वहीं प्रोग्रेस रिपोर्ट के मुताबिक लम्मा पिंड डिपो में करीब 13 परसेंट सिविल काम पूरे हो चुके हैं, जबकि नगर निगम के सेंट्रल टाउन डिपो में करीब 49 परसेंट काम चल रहा है। कमिश्नर ने कामों की मौजूदा स्थिति का रिव्यू करते हुए अधिकारियों को काम के दौरान आने वाली रुकावटों को तुरंत दूर करने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का निर्देश दिया।

इसके अलावा, शहर में प्रस्तावित ई-बस रूटों के बारे में भी जानकारी शेयर की गई। ये रूट शहर के मुख्य इलाकों को जोड़ेंगे, जिसमें आउटर रिंग रोड, इनर रिंग रोड, बस स्टैंड से LPU, किशनगढ़ से लांबड़ा, बिधिपुर से जंडू सिंघा, करतारपुर से CT इंस्टीट्यूट, वरयाणा से हवेली और सोल्जर कॉलेज से जमशेर वगैरह शामिल हैं। प्रस्तावित रूट नेटवर्क की कुल लंबाई करीब 146 km है।

निगम कमिश्नर सुरिंदर सिंह ने यह साफ किया कि प्रोजेक्ट से जुड़े सभी कामों की रेगुलर मॉनिटरिंग की जाए और सिविल और इलेक्ट्रिकल कामों को आपस में तालमेल बिठाकर आगे बढ़ाया जाए, ताकि प्रोजेक्ट तय समय में पूरा हो सके।

जालंधर नगर निगम शहर में एक मॉडर्न, सुविधाजनक और इको-फ्रेंडली पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है, जिससे भविष्य में शहर के लोगों को बेहतर ट्रांसपोर्ट की सुविधाएं मिलेंगी।

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