कांग्रेस नेता सुखपाल खैहरा ने पर्ल ग्रुप घोटाले में पीड़ित लोगों के हक़ में उठाई आवाज, AAP सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

दोआबा न्यूज़लाइन

जालंधर: पंजाब के जालंधर में आज कांग्रेस नेता सुखपाल खैहरा ने करोड़ों रुपये के चिटफंड घोटाले के मुख्य आरोपी एवं पर्ल ग्रुप द्वारा ठगी का शिकार हुए पंजाब के साथ- साथ पूरे देश के लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए आवाज उठाई। खैहरा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पर्ल ग्रुप द्वारा ठगी के पंजाब के लगभग 10 लाख परिवारों को इन्साफ दिलाने के लिए पंजाब की एक संस्था इंसाफ दी आवाज जत्थेबंदी द्वारा लगातार प्रयत्न किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस जत्थेबंदी के पंजाब से महिंदर पाल सिंह कानगढ़ ने पर्ल ग्रुप ऑफ़ कंपनी द्वारा प्रताड़ित परिवारों को इन्साफ दिलाने का बीड़ा उठाया।

कांग्रेस नेता ने बताया कि इस पर्ल कंपनी द्वारा पंजाब के करीब 10 लाख परिवारों के साथ करीब करीब 8000 करोड़ की ठगी की थी। जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा कमेटी बनाई थी ताकि ग्रुप की संपत्तियां बेचकर निवेशकों का पैसा लौटाया जा सके। लेकिन 2016 के फैसले के 10 साल बाद भी केवल 2% निवेशकों को ही उनका मूल पैसा वापस मिला है। जबकि 98% लोग आज भी अपनी राशि के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इसके साथ ही खैहरा ने मांग की है कि निवेशकों को मूल राशि के साथ बैंक ब्याज भी दिया जाए। खैहरा ने कहा कि इस कंपनी के मालिक निर्मल सिंह भंगू की दिल्ली की जेल में सजा के दौरान मौत हो गई थी। लेकिन उनके द्वारा ठगे लोगों की परेशानी का तो इतने सालों में कोई हल नहीं निकला।

वहीं सुखपाल खैहरा ने पंजाब की आप सरकार के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप सुप्रीमो केजरीवाल पर निशाना साधा। खैहरा ने कहा कि सत्ता मैं आपने से पहले तो सीएम मान इस ग्रुप द्वारा पीड़ित लोगों द्वारा पंजाब में लगाए जाने वाले धरनों में शामिल होते थे। उन्होंने कहा कि तब पंजाब की आम आदमी की सरकार ने पर्ल ग्रुप द्वारा ठगे लोगों से वादा किया था कि हमारी (AAP सरकार) आने पर आपको इन्साफ जरूर दिलाया जायेगा और आपका एक- एक पैसा आपको दिलाया जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, आप सरकार के सारे वादे झूठे निकले।

उन्होंने कहा कि अगर पंजाब सरकार चाहती तो पर्ल ग्रुप ऑफ़ कंपनी के एमडी एवं मालिक भंगू की सारी संपत्ति बेचकर उनके द्वारा की गई ठगी के शिकार सारे लोगों की भरपाई की जा सकती थी लेकिन पंजाब सरकार सत्ता में आने के बाद किए सारे वादे भूल गई। इसके साथ ही खैहरा ने यह भी दावा किया है कि अब कंपनी की संपत्तियों पर आप नेताओं के संरक्षण में अवैध माइनिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब का हर दूसरा- तीसरा परिवार इस ग्रुप की ठगी का तब शिकार हुआ था।

खैहरा ने आरोप लगाते हुए यह भी दावा किया कि पर्ल ग्रुप की जो संपत्तियां सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘फ्रीज’ की गई हैं, उन पर अब अवैध कब्जा और माइनिंग हो रही है। उन्होंने लुधियाना के पास सिधवां बेट और कुहाड़ा इलाके की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आप सरकार के मंत्रियों और करीबी नेताओं की देखरेख में वहां 10-10 फुट गहरे गड्ढे खोदकर मिट्टी निकाली जा रही है। इस दौरान खैहरा ने सीधे तौर पर मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया और डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण रोड़ी के हलकों में पर्ल ग्रुप की जमीनों के दुरुपयोग की बात कही।

वहीं अंत में सुखपाल खैहरा ने पंजाब सरकार से मांग की है कि विपक्षी पार्टियों के नेताओं को निशाना बनाए की बजाए इस महाघोटाले की जांच के लिए एक समर्पित स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम (SIT) का गठन किया जाए, साथ ही सरकार खुद सुप्रीम कोर्ट में एक मजबूत पक्षकार बनकर पीड़ितों की पैरवी करे और ‘रिव्यू पिटीशन’ दाखिल कर जस्टिस लोढ़ा कमेटी की ढीली कार्यवाही में तेजी लाए ताकि पंजाब में मौजूद पर्ल ग्रुप की हजारों एकड़ जमीन को बेचकर लाखों पीड़ित निवेशकों का पैसा जल्द वापस दिलाया जा सके।

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