दिवाली पर पटाखे चलाने को लेकर चंडीगढ़ PGI ने जारी की Advisory, पढ़ें खबर…

दोआबा न्यूज़लाइन

चंडीगढ़: रोशनी के त्योहार दिवाली का हर साल हर भारतीय को बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता है। इस त्योहार का इंतजार अक्सर पटाखे चलाने के शौकीन लोगों को ज्यादा रहता है। इस दिन कई बच्चे और युवा पटाखे चलते हुए हादसों का शिकार हो जाते हैं। इस त्योहार वाले दिन किसी भी बच्चे, युवा या किसी अन्य को चोट न लगे इसीलिए दिवाली से पहले चंडीगढ़ PGI के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने लोगों के लिए एक एडवाइसरी जारी की है।

चंडीगढ़ PGI द्वारा जारी एडवाइसरी में एचओडी डॉ. अतुल पराशर ने लोगों से सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने की अपील की है। डॉ अतुल ने सलाह देते हुए लोगों को कहा है कि पटाखे जलाते समय सिंथेटिक और ढीले कपड़े न पहनें। इसके साथ ही जलते पटाखों से उचित दूरी बनाए रखें और उन्हें जलाते समय हाथ शरीर से दूर रखें। वहीँ उन्होंने यह भी हिदायत दी है कि अगर पटाखे जलाते समय कोई जल जाता है तो जली हुई जगह पर पानी डाले, टूथपेस्ट न लगाएं। आगे डॉ. अतुल ने कुछ महत्ववपूर्ण हिदायतें दी हैं जो दीवाली पर पटाखे चलते समय लोगों को ध्यान में रखनी है ताकि हर किसी की दीवाली हंसी ख़ुशी जाये।

पटाखे जलाते समय 4 पॉइंट हमेशा याद रखें

1 जलने पर टूथपेस्ट न लगाएं, पानी डालें

दीवाली वाले दिन पटाखे या किसी अन्य वजह से मामूली जलने पर जले हुए हिस्से पर पानी डाल कर उसे ठंडा करें। इसके साथ ही पानी तब तक डालते राझेन जब तक जलन समाप्त न हो। इसके साथ ही याद रखे कि जले हुए हिस्से पर टूथपेस्ट, नीली स्याही या कोई अन्य पदार्थ कभी भी न लगाएं। वहीं अगर हाथों में अंगूठी, चूड़ियां या अन्य कसने वाली चीजें हों तो उन्हें तुरंत हटा दें, क्योंकि सूजन आने के बाद इन्हें निकालना मुश्किल होगा।

2 पटाखे न फूटें तो उसे दोबारा जलाने की कोशिश न करें

PGI के डॉ. अतुल पराशर के अनुसार यदि कोई पटाखा जलने के बाद भी नहीं फूटता है तो उसे दोबारा उठाने या जलाने की कोशिश न करें। इससे हाथों में गंभीर चोट लग सकती है। इसके साथ ही पटाखे जलाने के बाद उनके अवशेष रेत या पानी से भरी बाल्टी में डालें। इससे पैरों में चोट लगने का खतरा कम होगा। पटाखे जलाते समय हमेशा जूते पहन कर रखें। पटाखों से वायु और ध्वनि प्रदूषण भी होता है। इसलिए ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल करें और प्रशासन की ओर से तय समय-सीमा का पालन करें।

3 कपड़ों में आग लगे तो जमीन पर लेटकर उसे बुझाएं

डॉ पराशर का यह भी कहना है कि यदि पटाखा चलते समय कपड़ों में आग लग जाए तो घबराकर भागें नहीं। ऐसा होने पर आग और तेजी से फैल सकती है। पीजीआई ने इसके लिए ‘स्टॉप, ड्रॉप एंड रोल’ का तरीका अपनाने की सलाह दी है। यानी तुरंत रुकें, जमीन पर लेट जाएं और लुढ़कें। इससे आग को ऑक्सीजन मिलना कम हो जाता है और उसे बुझाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही आग बुझाने के लिए मोटे कंबल या गलीचे से भी शरीर को ढक सकते हैं।

4 पटाखे चलते समय आंख में चोट लगे तो उसे न रगड़ें

दिवाली वाले दिन यदि दीये, मोमबत्तियां और पटाखे जलाते समय आसपास पानी से भरी बाल्टी या अग्निशामक यंत्र जरूर रखें। आंख में किसी भी तरह की चोट लगने पर उसे रगड़ें नहीं। साफ पानी से धोकर तुरंत आँखों के स्पेशलिस्ट से परामर्श लें। डॉ. पराशर के मुताबिक दीपावली के दौरान जलने से संबंधित चोटों के मरीजों के इलाज के लिए पीजीआई में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर सही उपचार मिल सके।

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