दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: जालंधर के साईं दास ग्राउंड में श्री बांके बिहारी भगवत प्रचार समिति द्वारा चलाई जा रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन, सुदामा चरित्र प्रसंग, फूल होली महोत्सव और लक्सोटिक होम्स में नाम दीक्षा कार्यक्रम अत्यंत भावपूर्ण, आध्यात्मिक उत्कर्ष और सांस्कृतिक उल्लास से परिपूर्ण हुआ। कथा के अंतिम दिवस आचार्य श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी ने सुदामा चरित्र का दिव्य एवं मार्मिक वर्णन प्रस्तुत करते हुए जीवन में मन की शांति को सर्वोपरि बताया।
आचार्य श्री ने कहा कि “अशांत व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता। धन, ऐश्वर्य और भौतिक साधन सुख की गारंटी नहीं हैं, वास्तविक सुख शांति, संतोष और प्रभु-स्मरण में है।” उन्होंने सुदामा चरित्र का उदाहरण देते हुए बताया कि यद्यपि सुदामा जी के जीवन में धन का अभाव था, किन्तु वे नाम-धन से सम्पन्न और मन से पूर्णत: शांत थे। सुशीला द्वारा प्रेम से अर्पित किए गए चार मुट्ठी चावल उनके निर्मल भाव का प्रतीक बताया।
आगे महाराज जी ने यह भी संदेश दिया कि “सम्मान अमीरी से नहीं, बल्कि ईमानदारी, सज्जनता और उच्च चरित्र से मिलता है।” “प्रभु को वस्तु नहीं, भाव चाहिए।” कथा स्थल पर आज आयोजित फूल होली महोत्सव विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस धार्मिक आयोजन में आचार्य जी के मधुर भजनों- “होली खेल रहे बांके बिहारी” “बांके बिहारी को देख छटा मेरे मन है गयो लटा-पटा” की मधुर ध्वनि से सम्पूर्ण वातावरण राधा–कृष्णमय हो उठा। पुष्प-वर्षा के बीच हज़ारों भक्तों ने दिव्य उत्सव का आनंद लिया। लक्सोटिक होम्स में आचार्य श्री के सान्निध्य में नाम दीक्षा कार्यक्रम भी आयोजित हुआ।
इस आयोजन में यशपाल चौधरी, अभिषेक चौधरी, बृजेश कुमार जुनेजा, सुनील नय्यर, उमेश औहरी, संदीप मलिक, चंदन वडेरा, ब्रिज मोहन चड्ढा, महेश मखीज और अंकुश जुनेजा, अश्वनी कुमार ( आशू ), संजय सहगल, हेमंत थापर, राजवंश मल्होत्रा, देवेंद्र अरोड़ा, हरीश कोहली, रिंकू मल्होत्रा, बलविंदर शर्मा, विजय शर्मा, सोनू चोपड़ा, सुमित गोयल, पंडित श्री कपिल देव शर्मा, संदीप कुमार, भूपेंद्र सिंह (बिल्ला), तरुण सरीन, जितेंद्र सोनू, राजेश बीगामल, तरसेम रिंकू, अरुण मल्होत्रा, राहुल शर्मा, राहुल बाहरी, देवेंद्र वर्मा, नरेंद्र वर्मा का विशेष सहयोग रहा।