मानव अधिकार परिषद भारत के प्रतिनिधिमंडल ने सिविल अस्पताल जालंधर का किया औचक निरीक्षण

पीने के पानी की गंभीर समस्या पर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग — आरती राजपूत

जालंधर : मानव अधिकार परिषद भारत की राष्ट्रीय अध्यक्ष आरती राजपूत की अध्यक्षता में संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को सिविल अस्पताल जालंधर तथा रामा मंडी थाने का औचक दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल में व्याप्त कई अव्यवस्थाओं पर चिंता व्यक्त की, विशेष रूप से पीने के पानी की गंभीर समस्या को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

दौरे के दौरान पाया गया कि अस्पताल परिसर में लगाए गए अधिकांश वाटर कूलर और आरओ सिस्टम लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिसके कारण मरीजों और उनके परिजनों को भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में शुद्ध पेयजल की उचित व्यवस्था न होने से दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों और शहर से इलाज के लिए आने वाले लोगों को बाजार से महंगा बोतलबंद पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

इस अवसर पर आरती राजपूत ने कहा कि जालंधर के सरकारी अस्पताल में पीने के पानी की समस्या बेहद गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ रहने वाले परिजनों के लिए भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर जल आपूर्ति पाइपों में रिसाव और गंदगी भी देखी गई, जिसके कारण पानी दूषित हो रहा है और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत प्रभाव से आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़ रोका जा सके।

आरती राजपूत ने कहा कि मानव अधिकार परिषद भारत इस मुद्दे को संबंधित अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाएगी और समस्या के समाधान तक निरंतर प्रयास करती रहेगी।

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