NHAI ने परिवहन क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने हेतु NCAER के साथ समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर

दोआबा न्यूज़लाइन

दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सड़क परिवहन क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मजबूत करने और उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (NHAI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इसके तहत एनसीएईआर में एनएचएआई सेंटर फॉर इकॉनमिक्स ऑफ ट्रांसपोर्टेशन, मोबिलिटी एंड लॉजिस्टिक्स की स्थापना की जाएगी, जो परिवहन, गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स के अर्थशास्त्र को समर्पित भारत का पहला स्थायी और स्वतंत्र अनुसंधान केंद्र होगा। इस केंद्र की स्थापना एनएचएआई के प्रारंभिक योगदान से की जा रही है, जबकि एनसीएईआर अन्य संबद्ध संस्थानों और भागीदारों से योगदान जुटाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर एनएचएआई मुख्यालय में एनएचएआई के अध्यक्ष, एनसीएईआर के महानिदेशक और एनएचएआई तथा एनसीएईआर के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किए गए। अपनी तरह की यह पहली पहल देश के तेजी से विस्तार कर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के विकास और प्रबंधन में अनुसंधान, डेटा विश्लेषण और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने को एकीकृत करने के प्रति एनएचएआई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस अवसर पर एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने कहा कि “एनएचएआई राष्ट्रीय संपर्क और लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने में अग्रणी रहा है। एनसीएईआर के साथ यह साझेदारी उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान और नीति विश्लेषण के लिए एक समर्पित मंच तैयार करेगी, जिससे परिवहन क्षेत्र में योजना, निवेश और परिसंपत्ति प्रबंधन संबंधी निर्णयों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।”

यह सेंटर परिवहन, गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स पर व्यावहारिक आर्थिक अनुसंधान करने के लिए एक समर्पित मंच के रूप में कार्य करेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क और परिवहन क्षेत्र में दीर्घकालिक योजना, निवेश और नीति निर्माण में सहयोग हेतु उपयोगी निष्कर्ष निकालना है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग अर्थशास्त्र, माल ढुलाई लॉजिस्टिक्स, परिवहन मॉडल एकीकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग निवेश के क्षेत्रीय आर्थिक प्रभाव, टोल नीति, परिसंपत्ति मुद्रीकरण, सड़क सुरक्षा उपाय, राष्ट्रीय राजमार्ग संचालन और रखरखाव में प्रौद्योगिकी अपनाने सहित विभिन्न विषयगत क्षेत्रों में नीति-संबंधी अनुसंधान करेगा। अनुसंधान के परिणाम सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और अन्य सरकारी एजेंसियों को ऐसी नीतियां और कार्यक्रम तैयार करने में सहायता करेंगे जो परिवहन व्यवस्था में दक्षता, स्थिरता और उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाएंगे।

अनुसंधान के अलावा यह सेंटर नीतिगत संक्षिप्त विवरणों, कार्यपत्रों, प्रमुख रिपोर्टों, हितधारक परामर्शों, कार्यशालाओं और अकादमिक गतिविधियों के माध्यम से निष्कर्षों का प्रसार करके परिवहन क्षेत्र के लिए ज्ञान केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यह परिवहन अर्थशास्त्र में भावी प्रतिभाओं और संस्थागत क्षमता के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस सेंटर का संचालन एक सलाहकार समिति करेगी जिसमें प्रमुख अर्थशास्त्री, परिवहन विशेषज्ञ, लोक नीति विशेषज्ञ और प्रतिष्ठित शिक्षाविद शामिल होंगे। इस समिति में एनएचएआई के वित्त सदस्य और एनसीएईआर के महानिदेशक भी शामिल होंगे।

इसके अतिरिक्त NHAI द्वारा गठित एक संचालन समिति अनुसंधान प्राथमिकताओं की देखरेख करेगी, परिणामों की समीक्षा करेगी और प्राधिकरण की नीति तथा परिचालन आवश्यकताओं के साथ तालमेल स्थापित करने में सहायता करेगी। एनएचएआई दस वर्षों की अवधि के लिए इस संस्थान की स्थापना और संचालन में सहयोग प्रदान करेगा।

वहीं परिवहन अवसंरचना, गतिशीलता प्रणालियों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के आर्थिक आयामों की गहरी समझ को बढ़ावा देकर यह अनूठी संस्था अधिक सूचित निर्णय लेने में सहायता करेगी, नीति की प्रभावशीलता को बढ़ाएगी और एक मजबूत, आधुनिक तथा विश्व स्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विकास में योगदान देगी।

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