जालंधर में ससुरालियों की प्रताड़ना का शिकार हुई नेहा, सास, पति और प्रेमिका ने टॉयलेट क्लीनर पिलाकर दी दर्दनाक मौत

दोआबा न्यूज़लाइन

मृतका ने इलाज के दौरान अस्पताल में दिए बयान, पुलिस ने दर्ज किया मामला

जालंधर: जालंधर में 19 अगस्त को ससुरालियों द्वारा प्रताड़ित एक लड़की की इलाज के दौरान बाद में मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार 36 वर्षीय मृतका नेता एक कॉलेज में लेक्चरर थी जिसे उसके पति और सास ने जबरन टॉयलेट क्लीनर पीला दिया और बाद में अस्पताल में भर्ती करके वहां से फरार हो गए। चार दिन तड़पने के बाद नेहा की अस्पताल में मौत हो गई। मृतका और उसके परिजनों के बयानों के आधार पर उसके पति ने अपने अवैध संबंधों के चलते नेहा के साथ यह घिनौनी हरकत की है।

नेहा के भाई का कहना है कि आरोपी नेहा की 6 साल की बच्ची कियारा को भी अपने साथ लेकर फरार हो गए हैं। उनके अनुसार नेहा आखरी पलों में भी अपनी बेटी को एक बार देखने की बात ही कर रही थी लेकिन वह अपनी बेटी का चेहरा बिना देखे संसार से चली गई। वहीं मृतका के भाई ने यह भी आरोप लगाया कि वारदात के वक़्त उसके जीजा की प्रेमिका सतपाल कौर भी मौके पर मौजूद थी। उसने भी उसकी बहन को टॉयलेट क्लीनर पिलाने में मदद की है।

वहीं नेहा के भाई के बयानों के आधार पर पुलिस ने इस मामले में आरोपी पति उमंग बस्सी के साथ उसकी प्रेमिका सतपाल कौर को भी नामजद कर लिया है। उनके अनुसार नेहा के परिवार ने उन्हें इस घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। मृतका की भाभी दिव्या ने बताया कि 20 अगस्त को उनके पास पति के रिश्तेदार पंकज दुआ का फोन आया, जिसके बाद वे तुरंत जालंधर के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने खुलासा किया कि नेहा को हार्पिक पिलाया गया है।

परिजनों के मुताबिक नेहा की गंभीर हालत को देखते हुए जज साहिबा ने खुद अस्पताल पहुंचकर उसके बयान दर्ज किए। बयानों में नेहा ने साफ़ कहा कि उसके पति उमंग बस्सी, सास कुसुम बस्सी और पति की प्रेमिका सतपाल कौर ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने के लिए टॉयलेट क्लीनर पिलाया है। जिसके बाद उसकी सास ने नेहा को ऊपर से जबरन दो गिलास पानी पिलाया था, ताकि तेजाब पूरे शरीर में फैल जाए और बचने का कोई चांस न रहे।

वहीं थाना करतारपुर पुलिस ने मृतका की मौत के बाद शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया। इसके बाद मृतक नेहा के भाई अमरीश कुमार के नए बयानों के आधार पर मामले में हत्या की धारा 103 बीएनएस (जो पहले आईपीसी में 302 थी) और आपराधिक साजिश की धारा 61(2) बीएनएस (जो पहले आईपीसी में 120B थी) जोड़ी गई हैं।

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