इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप में श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

दोआबा न्यूज़लाइन

जालंधर: शहर के इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में ‘बेगमपुरा डायलॉग्स- राष्ट्रीय संगोष्ठी 2026’ का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी समानता, मानवीय गरिमा, सामाजिक न्याय, समावेशिता, धार्मिक सद्भाव तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बौद्धिक चिंतन और सार्थक संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बनी। संगोष्ठी का केंद्रीय विषय श्री गुरु रविदास जी की ‘बेगमपुरा’ की परिकल्पना से प्रेरित था, जो भेदभाव, असमानता, उत्पीड़न और अन्याय से मुक्त आदर्श समाज की कल्पना प्रस्तुत करती है। विचार-विमर्श में ऐसे समाज के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सामाजिक, धार्मिक अथवा आर्थिक भिन्नताओं से परे समान अधिकार, गरिमा, स्वतंत्रता, सुरक्षा और परस्पर सम्मान प्राप्त हो।

इस संगोष्ठी में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के माननीय सदस्य श्री प्रियंक कानूनगो ,राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के माननीय सदस्य डॉ. पार्था बिस्वास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष अतिथियों के रूप में प्रदीप जोशी, राजेश बाघा, विनय जोशी तथा सतपाल ने सहभागिता की। सतपाल ने यूनाइटेड किंगडम से ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया। सभी विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति और विचारों ने सामाजिक न्याय, समानता, मानव गरिमा तथा समावेशी समाज के निर्माण से संबंधित विमर्श को समृद्ध किया। इस अवसर पर इनोसेंट हार्टस के अध्यक्ष डॉ अनूप बौरी एवं मैनेजमेंट के अन्य वरिष्ठ सदस्य भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की अकादमिक डायरेक्टर डॉ गगनदीप कौर धंजू के स्वागत भाषण द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात वंदे मातरम् तथा विधिवत दीप प्रज्वलन किया गया। कार्यक्रम में क्रमशः विशेष एवं विशेषज्ञ संबोधन, मुख्य अतिथि का उद्बोधन, सम्मान समारोह तथा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन आयोजित किए गए। विचार-विमर्श के दौरान सामाजिक असमानता, भेदभाव और वंचना जैसी समकालीन चुनौतियों के समाधान तथा मानवीय गरिमा को सर्वोच्च स्थान देने में श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं की प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया।

वहीं ‘बेगमपुरा’ की अवधारणा को समान अवसर, परस्पर सम्मान, सामाजिक समरसता, न्याय और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने वाली एक प्रगतिशील सामाजिक दृष्टि के रूप में प्रस्तुत किया गया। समग्र रूप से, ‘बेगमपुरा संवाद- राष्ट्रीय संगोष्ठी 2026’ एक ज्ञानवर्धक एवं सार्थक शैक्षणिक-सामाजिक पहल रही, जिसने श्री गुरु रविदास जी के दर्शन की शाश्वत प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए एक न्यायपूर्ण, समावेशी, सौहार्दपूर्ण और समतामूलक समाज के निर्माण के लिए सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ किया।

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