दोआबा न्यूज़लाइन
बवाल के बाद 10 दिन के लिए यूनिवर्सिटी बंद, इंटरनेट सेवाएं ठप और एसआईटी गठित
एलपीयू की प्रो. चांसलर रश्मि मित्तल ने कहा – ये सब करने से पहले स्टूडेंट पहले हमारे पास आते।
अब तक क्या हुआ उसका अपडेट:-
जालंधर: फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में सोशल मीडिया पर छात्रा से रेप का मैसेज वायरल होने के बाद शनिवार और रविवार की दरमियानी रात भारी हिंसा व तोड़फोड़ की असली वजह अब सामने आ गई है। ताजा खबर यह है कि उक्त मैसेज का एक स्क्रीन शॉट सामने आया है जिसके वायरल होने के बाद यूनिवर्सिटी में भारी हंगामे देखने को मिला।
रेड्डिट में पोस्ट किए मैसेज में लिखा है कि यह कोई अफवाह नहीं है दोस्तों। एलपीयू के गर्ल्स हॉस्टल-3 (जीएच-3) में एक पुरुष कर्मचारी ने एक लड़की का रेप किया और शिकायत करने पर वॉर्डन ने उस लड़की को घर भेज दिया और कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह बेहद घटिया है, क्योंकि इस यूनिवर्सिटी में आत्महत्याओं और रेपों को ऐसे नजरअंदाज किया जा रहा है, जैसे वे कुछ भी नहीं हैं !!!
हालांकि मामला बिगड़ता देख इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया है। अब यह पोस्ट सोशल मीडिया से हटा दी गई है। इस मामले की जांच में पुलिस के हाथ यह पोस्ट लगी है। इसे किसने पोस्ट किया, इसकी अभी जांच की जा रही है। पुलिस की 7 मेंबरों की एसआईटी इसकी जांच कर रही, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस छात्रा से रेप को लेकर ये सब हुआ, वह कौन है? उससे रेप कहां हुआ, किसने किया, वह छात्रा अब कहां है, वह पुलिस के सामने क्यों नहीं आई? इस समय यह सब पुलिस के लिए भी एक पहेली बनी हुई है ।
वहीं लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुए बवाल के दूसरे दिन यूनिवर्सिटी की सीनियर मैनेजमेंट सामने आई। यूनिवर्सिटी की प्रो. चांसलर रश्मि मित्तल ने 7 मिनट का वीडियो जारी किया। जिसमें उन्होंने इस घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि ये सब करने से पहले स्टूडेंट्स उनके पास क्यों नहीं आए।
वहीं यूनिवर्सिटी में भारी बवाल और उपद्रव के बाद कारण विश्वविद्यालय परिसर में माहौल को काबू में करने के लिए आगे आदेशों तक इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी को 10 दिन के लिए बंद कर दिया गया।
हिंसा, लाठीचार्ज और हाईवे पर 18 घंटे का जाम
वायरल मैसेज के बाद आक्रोशित छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं। परिसर में तोड़फोड़ के दौरान पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और पथराव हुआ, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। हंगामे के दौरान परिसर में बने मॉल से लूटपाट और गर्ल्स हॉस्टल में अज्ञात लोगों के घुसने के प्रयास जैसी घटनाएँ भी सामने आईं।
इस विरोध-प्रदर्शन का असर यातायात पर भी पड़ा। दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे रविवार सुबह 6 बजे से लेकर आधी रात तक (लगभग 18 घंटे) पूरी तरह से बाधित रहा, जिसे देर रात 12 बजे के करीब यातायात के लिए फिर से चालू कराया जा सका।
प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा के कड़े कदम
10 दिनों की छुट्टी व परीक्षाएँ रद्द: यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र कैंपस को 10 दिनों के लिए बंद कर दिया है और चल रहे मिड-टर्म एग्ज़ाम रद्द कर दिए हैं। छात्रों को उनके अभिभावकों के साथ घर भेजा जा रहा है।
FIR और SIT का गठन: छात्रों की माँग पर पुलिस ने रेप के आरोपों को लेकर FIR दर्ज कर ली है। निष्पक्ष जाँच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है, जिसमें 5 छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।
महिला आयोग सख्त: पंजाब महिला आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए कपूरथला के DC और SSP से FIR की कॉपी, अब तक की जाँच रिपोर्ट और गर्ल्स हॉस्टल के सुरक्षा प्रबंधों का ब्योरा तलब किया है।
DGP और पंजाब सरकार का रुख: मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर पंजाब पुलिस के DGP गौरव यादव ने कैंपस पहुँचकर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया था और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस नियंत्रण में स्थिति
फिलहाल यूनिवर्सिटी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। DIG नवीन सिंगला ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि मामले की गहन और पारदर्शी जाँच की जाएगी। वहीं राजनीतिक हलकों और विभिन्न संगठनों ने बाहरी उपद्रवियों के घुसने की निष्पक्ष जाँच की माँग की है।]