दोआबा न्यूज़लाइन
पत्रकारों के मन में स्वर्ण मंदिर, जलियांवाला बाग और विभाजन संग्रहालय के दौरे ने छोड़ी गहरी छाप
अमृतसर: गुरुओं की धरती पंजाब के अमृतसर ने छत्तीसगढ़ से आए 14 सदस्यीय पत्रकार प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत किया। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर द्वारा आयोजित अंतर-राज्यीय प्रेस टूर के तहत यह दल अमृतसर पहुंचा, जहां उन्हें राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया गया।
इस कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे राज्य पंजाब के दृष्टिकोण से यह दौरा न केवल आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का माध्यम बना, बल्कि देश की विविधता में एकता की भावना को भी सशक्त करता नजर आया। वहीं पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने अपने दौरे की शुरुआत सिख धर्म के सर्वोच्च आस्था केंद्र श्री हरमंदिर साहिब में दर्शन के साथ की। यहां की अद्भुत स्थापत्य कला, ‘अमृत सरोवर’ की शांति और विश्व प्रसिद्ध ‘लंगर’ व्यवस्था ने आगंतुकों को गहराई से प्रभावित किया। सेवा, समानता और भाईचारे की जीवंत परंपरा ने पंजाब की उदार संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।
इसके पश्चात पत्रकारों ने जलियांवाला बाग का दौरा किया, जहाँ 1919 की ऐतिहासिक घटना की स्मृतियाँ आज भी सजीव हैं। बाग की दीवारों पर अंकित गोलियों के निशान और ‘शहीदी कुआं’ ने प्रतिनिधिमंडल को गहराई से भावुक कर दिया। यह स्थल पंजाब के बलिदान और स्वतंत्रता संग्राम में उसके अमूल्य योगदान का प्रतीक है। दौरे का अगला पड़ाव रहा विभाजन संग्रहालय, जो 1947 के विभाजन की मानवीय त्रासदी को सहेज कर रखने वाला विश्व का अनूठा संग्रहालय है। यहां प्रदर्शित दुर्लभ दस्तावेज, व्यक्तिगत वस्तुएं, तस्वीरें और मौखिक इतिहास ने आगंतुकों को उस दौर की पीड़ा और संघर्ष से रूबरू कराया। वहीं ‘गैलरी ऑफ होप’ में स्थित ‘उम्मीद के पेड़’ ने शांति और सद्भाव का संदेश दिया, जहां प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी अपने भाव व्यक्त किए।
पंजाब में आयोजित इस अध्ययन दौरे ने छत्तीसगढ़ के पत्रकारों को राज्य की समृद्ध विरासत, त्याग, सेवा और मानवीय मूल्यों को करीब से समझने का अवसर प्रदान किया। यह पहल विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने और राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल के स्वागत एवं मार्गदर्शन में पूर्ण सहयोग प्रदान किया, जिससे यह दौरा यादगार और सार्थक बन सका।