दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: शहर के हंस राज महिला महाविद्यालय में नव शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर नई छात्राओं क स्वागत हेतु हवन-यज्ञ एवं दीक्षारंभ समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परंपराओं के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य पवित्र हवन-यज्ञ से हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या, प्राध्यापकगण, स्टाफ सदस्य एवं नवप्रवेशी छात्राओं ने यज्ञ में आहुति अर्पित कर ईश्वर से नए सत्र के सफल, मंगलमय एवं ज्ञानमय होने की प्रार्थना की। भजन गायन एवं वैदिक मंत्रोच्चारण से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मकता एवं उत्साह से आलोकित हो उठा। दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञानात्मक ज्योति पज्वलित कर व डीएवी गान से हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि जस्टिस (सेवानिवृत्त) एन. के. सूद, उप प्रधान डीएवी सीएमसी एवं चेयरमैन लोकल एडवाइजरी कमेटी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में छात्राओं को जीवन के इस नए अध्याय के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महाविद्यालय जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों के विकास एवं जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने की आधारशिला है। उन्होंने छात्राओं को अनुशासन, परिश्रम, सकारात्मक दृष्टिकोण तथा निरंतर ज्ञानार्जन के माध्यम से अपने जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया तथा उन्हें अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं समाज का गौरव बनने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने नई छात्राओं का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शुभाशीष प्रदान किया। उन्होंने कहा कि हंस राज महिला महाविद्यालय शिक्षा, संस्कार, अनुशासन, नेतृत्व, नवाचार, शोध, कौशल विकास एवं महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त केंद्र है, जहां छात्राओं को केवल अकादमिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली समझें कि वे महाविद्यालय की शताब्दी यात्रा के प्रथम शैक्षणिक सत्र की सहभागी बनने जा रही हैं। यह ऐतिहासिक अवसर उनके जीवन का भी एक स्वर्णिम अध्याय बनेगा।
वहीं उन्होंने छात्राओं को आज से ही अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, सदाचार एवं अनुशासन का पालन करने तथा निरंतर परिश्रम एवं समर्पण के साथ अपने सपनों को साकार करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। दीक्षाारंभ कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के डीन एवं समन्वयकों ने छात्राओं को संस्थान की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों से परिचित कराया। डॉ. सीमा मरवाहा ने अवकाश नियम, पात्रता शर्तों एवं टाइम टेबल की जानकारी दी। बीनू गुप्ता ने छात्रवृत्तियों एवं शॉटटर्म पाठ्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. उर्वशी मिश्रा ने छात्र परिषद की भूमिका एवं गतिविधियों से अवगत कराया। लेफ्टिनेंट सोनिया महिंद्रू ने एनसीसी की गतिविधियों एवं उसके महत्व को बताया। कुलजीत कौर ने एनएसएस, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी दी। हरप्रीत कौर ने छात्र सहायता सेवाओं एवं छात्र कल्याण योजनाओं का परिचय कराया, जबकि डॉ. अनिल भसीन ने महाविद्यालय की परिवहन व्यवस्था एवं उससे संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए। सभी वक्ताओं ने छात्राओं को महाविद्यालय की सुविधाओं का पूर्ण लाभ उठाकर अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में नई छात्राओं ने महाविद्यालय की समृद्ध परंपराओं, अनुशासित वातावरण, आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं एवं छात्र-केंद्रित कार्यप्रणाली के प्रति उत्साह व्यक्त किया। यह दीक्षारंभ समारोह छात्राओं के लिए न केवल महाविद्यालयीन जीवन का प्रथम परिचय बना, बल्कि उन्हें शिक्षा, संस्कार, अनुशासन एवं उत्कृष्टता के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा भी प्रदान कर गया। समस्त आयोजन अत्यंत सफल, गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।