दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: शहर के डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डेविएट) द्वारा आर्य समाज, बिक्रमपुरा में हवन एवं वेद कथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संस्थान के नेतृत्व, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा वैदिक अनुष्ठानों में सम्मिलित होकर समकालीन जीवन में वैदिक शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर विचार किया।
कार्यक्रम में प्रिंसिपल इंद्रजीत तलवार, अजय गोस्वामी, महासचिव, डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी (डीएवीसीएमसी) तथा प्रिंसिपल रविंदर कुमार शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की मेजबानी डीएवीआईईटी के डायरेक्टर-कम-प्रिंसिपल डॉ. संदीप विज ने संस्थान के संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों के साथ की।
इस अवसर पर डॉ. संदीप विज ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और चरित्र निर्माण को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हवन एवं वेद कथा जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने तथा जीवन के प्रति समग्र दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
वहीं प्रिंसिपल इंद्रजीत तलवार ने समकालीन समाज में वैदिक शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनुशासन, नैतिक आचरण और मूल्यपरक शिक्षा जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बौद्धिक विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों के नैतिक विकास में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी बल दिया।
डीएवीसीएमसी के महासचिव अजय गोस्वामी ने भारत की प्राचीन वैदिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में सांस्कृतिक जागरूकता विकसित करने और नैतिक मूल्यों को स्थापित करने में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस अवसर पर डॉ. अनिल सोनी, विभागाध्यक्ष, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग; डॉ. गौरव धुरिया, एसोसिएट प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग; डॉ. कंचन एल. सिंह, विभागाध्यक्ष, एप्लाइड साइंसेज विभाग; डॉ. हरप्रीत बजाज, विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग; डॉ. विनय चोपड़ा, विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग, रमंनदीप सिंह जोहल, विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, जसदीप जोहल तथा मनप्रीत सिंह बेदी, डीन, स्टूडेंट अफेयर्स उपस्थित रहे। अन्य प्रमुख उपस्थितजनों में डॉ. राजीव वशिष्ठ, डॉ. नवलीन सिंह रेखी, डॉ. रजनी, डॉ. नीरू, डॉ. पायल शर्मा, डॉ. सुनील सचदेवा, डॉ. एस. के. उप्पल, सुमेश महाजन, ओम प्रकाश तथा भगत सिंह शामिल थे।
इस कार्यक्रम ने संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों को पारंपरिक वैदिक अनुष्ठानों में भाग लेने तथा भारत की आध्यात्मिक एवं दार्शनिक विरासत को समझने का अवसर प्रदान किया। यह आयोजन शैक्षणिक शिक्षा, सांस्कृतिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों के समन्वय के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति डीएवीआईईटी की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।