CJP नेता सौरव दास-आशुतोष रांका ने हाईकोर्ट से वापस ली जमानत याचिका

दोआबा न्यूज़लाइन

दिल्ली: दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट में आज कॉचरोच जनता पार्टी (CJP) नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने सुनवाई के दौरान अपनी जमानत अर्जी वापस ले ली है। हाईकोर्ट ने याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया और बैरिकेड तोड़ा था।

बताया जा रहा है कि कोर्ट की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के जज ने सौरव और रांका की उम्र पूछी। इस सवाल पर CJP के वकील ने बताया कि सौरव दास की उम्र 27 साल और आशुतोष रांका की उम्र 31 साल है। इस पर जज ने कहा कि वे Gen Z नहीं हैं।

CJP का दिल्ली में प्रदर्शन: अब क्राइम ब्रांच करेगी सौरव दास-आशुतोष रांका के खिलाफ दर्ज मामले की जांच, पढ़े खबर…

दिल्ली में पिछले कई महीनों से SIR के विरोध और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन हर दिन नया मोड लेता जा रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर से गिरफ्तार किए गए CJP के 2 नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ दर्ज मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। CJP नेता रांका और दास 14 अक्टूबर से तिहाड़ जेल में बंद हैं और आज 21 अक्टूबर दिन बुधवार को दोनों को फिर पेश किया जाएगा। दोनों पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप है। वहीं CJP ने रिहाई में जानबूझकर देरी का आरोप लगाया है।

गिरफ्तारी के बाद दास और रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। पांच दिन की न्यायिक हिरासत सोमवार को खत्म हुई थी। वहीं इससे पहले भी दास और रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाकर 21 अक्टूबर तक कर दी गई है। सोमवार देर रात स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की ऑर्डर कॉपी सामने आई। जिसमे मजिस्ट्रेट रितु राज कहा है कि दास और रांका के व्यवहार से लगता है कि वे कानून का सम्मान नहीं करते। इससे शांति और व्यवस्था बिगड़ने का खतरा भी है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि दोनों कार्यकर्ताओं के दोबारा ऐसा न करने के दिलाये भरोसे पर विश्वास करना कठिन है। आगे कहा कि प्रतिबंधित या परमिशन न मिलने वाली जगहों पर बार-बार विरोध प्रदर्शन की अपील करना उनके व्यवहार को दिखता है।

वहीं इससे पहले भी CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। फ्लाइट में पुलिस और CJP नेताओं के बीच काफी कहासुनी भी देखने को मिली। हिरासत में जाने से पहले सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस से कहा कि ”मै यहाँ गिरफ्तार होने ही आया हूँ”। मुझे गिरफ्तार कीजिए।”

वहीं इस प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकरियों की पुलिस से झड़प की घटनाएं भी सामने आईं है। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग भी तोड़ी। आकाशवाणी भवन के पास पत्थर फेंके गए। तब जंतर-मंतर पर स्तिथि आउट आफ कंट्रोल हो रही थी, जिसके बाद पुलिस ने जगह खाली करने को कहा। जिस तरह से स्टूडेंट्स आगे बढ़ रहे हैं, उससे प्रदर्शन और तेज होने की संभावना है। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के प्रमुख राहुल गांधी और प्रियंका गंभी भी इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस के आगे डटे रहे। दिल्ली में कजप को कांग्रेस पार्टी का भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में भी लिया गया था। दिल्ली में प्रदर्शन के बीच माहौल बिगड़ता देख कई रास्तों को बंद कर दिया गया था। इसके साथ ही दिल्ली आने-जाने वाली 150 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द करने के साथ ही दिल्ली मेट्रो के 45 मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिया गया था।

बताते चलें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले 20 जुलाई से स्टूडेंट्स जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी दिन “चलो पार्लियामेंट” आयोजित मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों- दिल्ली पुलिस के बीच घमासान झड़प हो गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों का कहना था कि टेंट हटाए जाने और बारिश जैसी मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद भी उनका ये आंदोलन जारी रहेगा।

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