दोआबा न्यूजलाइन
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दुनिया के कई देशों से अपील की है कि वे मिलकर खाड़ी क्षेत्र के अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz की सुरक्षा में मदद करें। वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमला किया गया तो वह क्षेत्र में और तीखी जवाबी कार्रवाई करेगा।
यह युद्ध अब तीसरे सप्ताह में पहुंच चुका है। अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और खाड़ी क्षेत्र में कई जहाजों तथा ऊर्जा ठिकानों को नुकसान पहुंचा है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने हाल ही में ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र Kharg Island के आसपास कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों में ईरान की सैन्य क्षमता को निशाना बनाया गया, जबकि तेल ढांचे को जानबूझकर नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
ट्रंप ने कहा कि जो देश इस समुद्री मार्ग से तेल लेते हैं उन्हें इसकी सुरक्षा में योगदान देना चाहिए। उन्होंने चीन, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से युद्धपोत भेजने का आह्वान किया ताकि तेल टैंकरों की आवाजाही सुरक्षित हो सके। हालांकि अभी तक किसी देश ने औपचारिक रूप से इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।
दुनिया के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत इसी रास्ते से गुजरता है। संघर्ष के कारण तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भारी अस्थिरता देखने को मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस जलमार्ग में लंबे समय तक तनाव बना रहा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है।