राष्ट्रपति मुर्मु ने अक्षय पात्र फाउंडेशन के 5 बिलियन भोजन वितरण के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में लिया भाग

दोआबा न्यूज़लाइन

कहा- हमारे बच्चों को पौष्टिक भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होना अत्यंत आवश्यक

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन के पांच बिलियन भोजन वितरण के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि शैक्षिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए पांच बिलियन भोजन परोसना अक्षय पात्र फाउंडेशन की उल्लेखनीय उपलब्धि है।

इस कार्यक्रम की थीम ‘सुपोषित और शिक्षित भारत से विकसित भारत की ओर’ वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के हमारे राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में सुपोषित और शिक्षित समाज के महत्व को रेखांकित करती है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि हमारे बच्चों के लिए एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य केवल सरकार का उत्तरदायित्व नहीं है, बल्कि हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। जब शिक्षक, माता-पिता, सामाजिक संगठन, कॉर्पोरेट जगत और समाज के सभी वर्ग मिलकर काम करते हैं तभी हम आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत नींव रख सकते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन, अच्छा स्वास्थ्य और स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिले। ये मूलभूत तत्व बच्चों के सर्वांगीण विकास को संभव बनाते हैं।

राष्ट्रपति ने आगे बात करते हुए यह भी कहा कि शिक्षा वह साधन है जो किसी व्यक्ति के जीवन में उपलब्ध अवसरों को निर्धारित करती है और उसकी सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। यह परिवर्तन और सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम है। सशक्तिकरण और क्षमता निर्माण की प्रक्रिया बच्चों के स्कूल जाना आरम्भ करने के क्षण से ही आकार लेना शुरू कर देती है। स्कूल बच्चों को दैनिक जीवन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने और जिम्मेदार, कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनने के लिए आवश्यक कौशल और अनुभव प्रदान करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि हमारे बच्चे, जो राष्ट्र का भविष्य हैं, उनके लिए पौष्टिक भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुगम उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। भारत सरकार ने गर्भवती माताओं और बच्चों को पर्याप्त पोषण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत कार्यान्वित विद्यालय दोपहर के भोजन कार्यक्रम से अभिभावकों को अपने बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि अक्षय पात्र फाउंडेशन ‘समग्र शिक्षा अभियान’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करना है।

राष्ट्रपति ने आगे बात करते हुए यह भी बताया कि बच्चे केवल निशुल्क भोजन कार्यक्रम के लाभार्थी नहीं हैं। वे राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता हैं। आज उन्हें जो पौष्टिक भोजन मिल रहा है, वह हमारे राष्ट्र की मानव पूंजी में निवेश है। स्वस्थ, शिक्षित और ऊर्जावान बच्चे भारत के कार्यबल का निर्माण करेंगे और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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