दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: जालंधर के पारस एस्टेट में 14 साल की बच्ची के सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़ा मामला एक बार फिर तब गरमा गया, जब वीरवार देर रात आरोपी की पत्नी अपने घर से सामान लेने पहुंची। जैसे ही इस बात की भनक इलाके के लोगों को लगी, वे बड़ी संख्या में घर के बाहर इकट्ठा हो गए और महिला के खिलाफ जोरदार विरोध शुरू कर दिया। मोहल्ले की स्थिति देखते ही देखते तनावपूर्ण हो गई, जिसके चलते थाना बस्ती बावा खेल की पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात संभालने पड़े।
जानकारी के अनुसार आरोपी की पत्नी पुलिस टीम के साथ अपने घर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि उसे हाईकोर्ट के आदेश के तहत घर की चाबी सौंपी गई थी, ताकि वह जरूरी सामान ले सके। लेकिन जैसे ही वह घर के पास पहुंची, पहले से सतर्क बैठे स्थानीय लोगों ने उसका घेराव कर लिया और उसे अंदर जाने से रोकने लगे। लोगों का कहना था कि जिस घर से एक मासूम बच्ची की हत्या हुई, वहां आरोपी परिवार को किसी भी तरह की राहत नहीं मिलनी चाहिए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर माहौल उस समय और ज्यादा बिगड़ गया जब कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि आरोपी की पत्नी ने कथित तौर पर कहा, “अच्छा हुआ बच्ची मर गई।” यह सुनते ही भीड़ का गुस्सा भड़क उठा और लोग नारेबाजी करने लगे। कई लोगों ने महिला को तुरंत वहां से वापस जाने की मांग की, जबकि कुछ ने पुलिस से भी कड़ी कार्रवाई की अपील की।
इलाकावासियों का यह भी आरोप है कि जब विरोध बढ़ा तो महिला ने अपनी गाड़ी तेज गति से आगे बढ़ाने की कोशिश की। इस दौरान कई लोग उसकी चपेट में आते-आते बचे। अफरा-तफरी के बीच एक पालतू कुत्ता गाड़ी के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद माहौल और ज्यादा गरमा गया और लोगों ने पुलिस के खिलाफ भी नाराजगी जताई कि आखिर ऐसे हालात में महिला को यहां क्यों लाया गया।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और भीड़ को शांत कराने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और अदालत के आदेश का सम्मान करें। इसके बाद सीमित समय के लिए महिला को पुलिस सुरक्षा में घर के अंदर जाने दिया गया, जहां से उसने कुछ जरूरी सामान लिया और फिर वहां से चली गई।
थाना बस्ती बावा खेल के एसएचओ ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के तहत की गई थी। अदालत के निर्देशानुसार आरोपी के परिवार को घर की चाबी सौंपनी थी, ताकि वे अपना जरूरी सामान ले सकें। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका गया।
एसएचओ ने बताया कि इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों जैसे आपत्तिजनक टिप्पणी और गाड़ी से टक्कर मारने की कोशिश की भी जांच की जा रही है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद से इलाके में एक बार फिर डर और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अभी भी उस दर्दनाक घटना को नहीं भूले हैं और जब भी आरोपी परिवार से जुड़ी कोई गतिविधि होती है, उनकी भावनाएं भड़क उठती हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बरती जाए और पहले से इलाके के माहौल को ध्यान में रखा जाए।
गौरतलब है कि 23 नवंबर 2025 को पारस एस्टेट में 14 साल की एक बच्ची की निर्मम हत्या का मामला सामने आया था, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। जांच के दौरान पुलिस ने एक स्थानीय व्यक्ति को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया था। घटना के बाद लोगों में भारी रोष देखने को मिला था और न्याय की मांग को लेकर कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। आज भी यह घटना इलाके के लोगों के जहन में ताजा है और इसी वजह से आरोपी परिवार से जुड़ी हर हलचल पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आती है।