लाला लाजपत राय इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग ने गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा पर कार्यशाला का किया आयोजन

दोआबा न्यूज़लाईन

जालंधर: लाला लाजपत राय इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एजुकेशन द्वारा जालंधर के शाहपुर में स्थित प्रतिष्ठ सिटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में गुणक्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षकों को शिक्षित करना शीर्षक से एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य नर्सिंग शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना और शिक्षकों को भविष्य में नर्सिंग पेशेवरों को आकार देने के लिए आवश्यक नवीनतम तकनीकों और नेतृत्व कौशल से पूर्ण करना है। इस दिन की शुरुआत कार्यक्रम प्रातः 9:00 बजे से पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न संस्थानों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। लाला लाजपत राय के MD शिव मोदगिल ने रजिस्ट्रार को गिफ्ट देकर सम्मानित किया।

इसके बाद, कार्यक्रम की मुख्य समन्वयक नेहा वासुदेव ने गर्मजोशी से स्वागत भाषण दिया और दिन की कार्यवाही की रूपरेखा तैयार की। गणमान्य व्यक्तियों ने प्रमुख नर्सिंग संस्थानों के प्रतिष्ठित संसाधन संकाय और प्राचार्यों को सम्मानित करने का अवसर भी लिया। इस दौरान डॉ. पुनीत गिरधर, रजिस्ट्रार, पीएनआरसी कार्यशाला के उद्देश्यों को रेखांकित किया और कहा कि वर्ष 2023 और 2024 में नर्सिंग पर दो कार्यशालाओं का सफल समापन हुआ था, जिसमें लगभग 250 नर्सिंग संस्थानों के सभी प्राचार्यों ने भाग लिया था।

इस कार्यक्रम में आईआईटी, कानपुर के कॉर्पोरेट लीडर, स्टार्ट-अप मेंटर और उद्यमी राहुल शर्मा ने द सनराइज प्रोफेशन, आधुनिक देखभाल में नर्सों की उभरती भूमिका पर चर्चा की। दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में नर्सिंग के पूर्व एडीजी और वरिष्ठ संकाय डॉ० राठी वाला चंद्रन द्वारा नर्सिंग शिक्षा में नेतृत्व कौशल, भविष्य के नर्सिंग पेशेवरों के पोषण में नेतृत्व के महत्व पर जोर दिया गया। पारस्परिक संबंधों और सॉफ्ट स्किल्स के माध्यम से मानसिक कल्याण का पोषण, डॉ० भरत पारीक, प्रिंसिपल, सरस्वती नर्सिंग कॉलेज, रोपड़ के द्वारा नर्सिंग में भावनात्मक बुद्धिमत्ता की महत्त्वपूर्ण भूमिका को संबोधित किया।

कार्यशाला में टीएनएआई की महासचिव एस. वतचला दिनाकरन की प्रस्तुति के साथ-साथ दिलदीप कौर द्वारा थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षाओं का संचालन करने हेतु इंटरैक्टिव प्रदर्शन और ऑनलाइन मूल्यांकन प्रक्रियाओं का अवलोकन भी किया गया। आईटी सेल, पीएनआरसी से गौरव महिपाल ने भी इस क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

कार्यक्रम के अंत में नवोन्वेषी -शैक्षिक तकनीकों और नैदानिक प्रशिक्षण विधियों पर सत्रों की एक श्रृंखला प्रस्तुत की गई। इसमें गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, पटियाला से जसप्रीत कौर सोदी और डॉ० शरणजीत कौर, नोडल अधिकारी डीएचएस जैसे विशेषज्ञों का भी महत्त्वपूर्ण योगदान रहा।

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