भारत-इजराइल में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जल्द, यहां आना मेरे लिए गर्व की बात: मोदी
दोआबा न्यूजलाइन (देश/विदेश)
देश/विदेश :भारत और इजराइल के बीच संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए दोनों देशों ने 17 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि इजराइल की धरती पर आना उनके लिए गर्व की बात है और दोनों देशों की दोस्ती आपसी विश्वास, नवाचार और साझा मूल्यों पर आधारित है।
दौरे के दौरान डिजिटल भुगतान प्रणाली यू.पी.आई. और भारत के स्वदेशी पेमेंट सिस्टम को इजराइल में प्रदर्शित किया गया। इससे दोनों देशों के बीच फिनटेक, डिजिटल ट्रांजैक्शन और स्टार्टअप सेक्टर में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में भारतीय पर्यटकों और कारोबारियों को इजराइल में डिजिटल भुगतान की सुविधा मिल सकेगी, जिससे लेन-देन और भी आसान होगा।
बैठक में रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष, शिक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को जोड़ने के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने का भी फैसला किया। इसके अलावा, कृषि तकनीक और जल संरक्षण के क्षेत्र में इजराइल की विशेषज्ञता का लाभ भारत को मिलेगा, जबकि भारत की आईटी और डिजिटल क्षमताएं इजराइल के लिए नए अवसर खोलेंगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इजराइल लोकतांत्रिक मूल्यों को मानने वाले देश हैं और दोनों के बीच मित्रता समय की कसौटी पर खरी उतरी है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश मिलकर आतंकवाद और साइबर खतरों जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना करेंगे।
व्यापार के मोर्चे पर भी बड़ी प्रगति की उम्मीद जताई गई है। दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर बातचीत अंतिम चरण में है और इसे जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है। एफटीए लागू होने से द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर का व्यापार होता है, जिसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यू.पी.आई. जैसी डिजिटल प्रणाली का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भारत की तकनीकी ताकत का प्रतीक है। इससे ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को वैश्विक पहचान मिल रही है। इजराइल के साथ तकनीकी और रक्षा सहयोग मजबूत होने से भारत की रणनीतिक स्थिति भी और सुदृढ़ होगी।
दौरे के अंत में दोनों देशों के नेताओं ने साझा बयान जारी कर संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह दौरा भारत-इजराइल संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में व्यापार, तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्र में ठोस परिणाम देगा।